टैग

#Kavita

मेरी बनावट
शांत रस·31 अग॰ 2026

मेरी बनावट

जब कोई खुद को तराशता है तब उसकी बनावट तय करती है उसका आकार क्या होगा।

Bikesh 1 मिनट पठन
बेरोजगारी
शांत रस·30 अग॰ 2026

बेरोजगारी

कविता ये कहती है कि किस प्रकार एक बेरोजगार व्यक्ति समाज का सबसे संघर्षशील व्यक्ति होता है

Bikesh 1 मिनट पठन
मन
शांत रस·20 अग॰ 2026

मन

ये कविता इंसान के मन के कभी निराश और खुश रहने के बारे में है

Bikesh 1 मिनट पठन
धुंध
शांत रस·18 अग॰ 2026

धुंध

ये कविता मानव चेतना को दिखता है बिल्कुल धुंध की तरह।

Bikesh 1 मिनट पठन
मैं कर्ण हूँ
वीर रस·17 अग॰ 2026

मैं कर्ण हूँ

यह कविता एक ऐसे योद्धा के बारे में है जो महाभारत में सब पर भारी था- सूर्यपुत्र कर्ण

Bikesh 1 मिनट पठन