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बेरोजगारी

कविता ये कहती है कि किस प्रकार एक बेरोजगार व्यक्ति समाज का सबसे संघर्षशील व्यक्ति होता है

Bikesh 30 अगस्त 2026 1 मिनट पठन
बेरोजगारी
सबसे मेहनती वर्ग समाज का बेरोज़गार होता है, जो हर दिन इस उम्मीद में जीता है कि एक दिन उसे भी रोज़गार का तमगा पहनने को मिलेगा।
जब तक कोई व्यक्ति बेकार होता है, तब तक वह हर उस चीज़ का विरोध करता है जिसमें उसे खामियाँ दिखती हैं। और जब वही बेरोज़गार कमाने वाला बन जाता है, तब उसका विरोध समाज के लिए नहीं, बल्कि, अपने भीतर के इंसान को खुश करने के लिए रह जाता है।

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