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रिश्ता

ये कविता हम सब के रिश्ते को एक समझ प्रदान करती है

Bikesh 29 अगस्त 2026 1 मिनट पठन
रिश्ता
जब हम रिश्ता निभाते है तब हम खुद को आज़ाद महसूस कर पाते है वो कहते है ना- सुकून हमे हर उस रिश्ते से मिलता है जिसमें गहराई कम और प्रेम का उबाल ज्यादा हो।
अक्सर वो रिश्ता खास होता है जिससे हम सब दूरियां मिटाते है लेकिन जब रिश्तों में दूरियां होती है तब एक इंसान खुद को दुनिया के मायाजाल से अलग कर पाता है
खुद को खुद से समझने के लिए, कभी-कभी हमे बंधन से मुक्त होकर हमें अपने भीतर झांकने की जरूरत होती है और सही कहा गया है मनुष्य अक्सर इंसान बनने के क्रम में खुद को भूल कर दुनिया के शीशे को पहन लेता है

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