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तेरी यादों का खत

ये कविता एक प्रेमी के गुज़र जाने के बाद उसके साथी के मन की दास्तां है

Bikesh 29 अगस्त 2026 1 मिनट पठन
तेरी यादों का खत
लिख रहा हूं खत तेरी यादों भरी कलम से पन्ने भर डाले हैं मैंने, तेरे ही नाम से तू है नहीं अब इस दुनिया में जो आंसुओं की सिहाई रोक दे।
कुछ सपने हमने साथ देखे थे, वह अधूरे रह गये। तू अगर होती, तो हमारा भी एक घर होता, घर के आंगन में नन्हीं जान चहक रही होती।
तेरे जाने के बाद, सब यहां मतलबी हो गए। रिश्तो में मैंने, प्यार से ज्यादा शक की निगाहों को देखा है
कोई कहता है तूने ही मरवा दिया, तूने ही जला दिया, अपने घर की लक्ष्मी को तूने लात मार दिया।
इंसाफ लिखना शुरू ही किया है लेकिन सिहाई आंसुओं की अब शेष नहीं!

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