
पहला वेतन हमेशा खास होता है,
जब खुद के हाथ में
अपना कमाया धन होता है।
मेहनत दिख जाती है पैसों में,
और खुशियां खिल उठती हैं
अपने मां-बाप के चेहरों पे।
वेतन पाना बड़ी बात नहीं होती,
परंतु पहला वेतन मिलना
सच में सुकून देता है।
ज़िन्दगी में पहला वेतन
सबको याद रहता है।
कमाई कितनी भी छोटी क्यों न हो,
शौक को हम सब अपने हिसाब से,
पहले वेतन में पूरा कर ही लेते हैं।
फिर चाहे मनपसंद चीज़ों को खरीदना हो,
या फिर अपनों के अरमानों को
पूरा करना हो।
पहला वेतन सच में सुकून देता है।
पहली कमाई सिखलाती है
जीवन में आत्मनिर्भर होना।
पहली कमाई हमें बताती है
किनका आभार व्यक्त करना है।
कई धन्यवाद देते हैं ऊपर वाले का,
तो कई धन्यवाद देते हैं अपने
चाहने वालों का,
जिनकी दुआओं से पहले वेतन
के हकदार होते हैं लोग।
लेकिन सुकून होता है
जब पहले वेतन का हिस्सा,
कोई अपने मां के हाथ सौंपता है


